Thursday, 13 February 2014

दिल्ली कानपुर मार्ग पर पहली पैसेंजर यात्रा


अभी  अंतिम सप्ताह ही अचानक दिल्ली कानपुर मार्ग पर चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक पैसेंजर लोकल ट्रैन से यात्रा करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस मार्ग पर यह मेरी पहली पैसेंजर ट्रैन यात्रा थी। सप्ताह के रविवार के दिन मै और मेरे एक दोस्त ने साथ चलने का निस्चय  किया। हम लोगों को ग़ाज़ियाबाद से खुर्जा तक का सफ़र करना था। अपने प्रोग्राम के हिसाब से हम लोग प्रातः 9:30 बजे ग़ाज़ियाबाद स्टेशन पर पहुँच गये। 


प्रातःकाल में एक इमू पैसेंजर ट्रैन दिल्ली से अलीगढ़ ९:३० पर चलती है। आज यह ट्रैन अपने निर्धारित समय से २० मिनट की देरी से आयी। लोकल ट्रैन होने के कारण काफी भीड़ थी। फिर भी हम लोगों को ट्रैन में शीट मिल गयी। इस रूट पर यह मेरी प्रथम यात्रा थी। इसलिए मन में काफी उत्साह था। २ मिनट रुकने के बाद ट्रैन चल दी। ग़ाज़ियाबाद से ट्रैन ने स्पीड पकड़ी। यदिप इस रूट पर और भी कई पैसेंजर ट्रैन चलती है लेकिन फिर भी प्रतिदिन कि तरह ट्रैन में भीड़ होना लाजमी है। ट्रैन चलने के बाद पहला स्टॉपेज मारिफ़त आया। कुछ यात्रियों के चढ़ने और उतरने के बाद ट्रैन फिर अगले स्टॉपेज दादरी पर रुकी। इस रूट पर लोकल ट्रेनों के मुताबिक दादरी एक बड़ा स्टेशन है। यहाँ पर भारतीय सरकारी कंपनी ntpc के साथ साथ एयरफोर्स स्टेशन भी है। यहाँ से भी काफी यात्री ट्रैन में चढ़े। हम लोगों को खुर्जा तक ही सफ़र करना था। जोकि ग़ाज़ियाबाद से ६५ किलोमीटर की दूरी पर है। 

धीरे धीरे कई अन्य छोटे छोटे स्टेशन आते गए जिनमे अजायबपुर,चोला,दनकौर,बैर और फिर खुर्जा जंक्शन प्रमुख हैं


                       दादरी स्टेशन पर रुकते समय ट्रैन में भीड़ 

 इन सभी स्टशनों में खुर्जा सबसे बड़ा स्टेशन है। जो बुलंदशहर जिले में आता है। खुर्जा एक जंक्शन भी है जिसके होने का कारन है कि यहाँ से एक अन्य मेरठ मार्ग के लिए भी ट्रेने चलती है.जिन ट्रेनो का रूट हापुड़ होते हुए है।


इस एमू ट्रैन की सबसे खास और रोचक बात यह है कि यह लाइन इलेक्ट्रिक है और अधिकतर पैसेंजर ट्रेनो में दूधियों के कंटेनर ट्रैन की खिड़कियों पर टंगे हुए देखे जा सकते है। खैर ट्रैन अपने निर्धारित समय से १५ मिनट कि देरी से खुर्जा स्टेशन पर पहुंची। खुर्जा स्टेशन पर एक खास बात है इसकी बनाबट जैसे कि आम स्टशनों पर प्लॅटफॉर्म १ उस और होता है जिधर स्टेशन का मुख्य निकास द्वार होता है जबकि यहाँ खुर्जा में ऐसा नही है। यद्यपि स्टेशन छोटा है लेकिन फिर भी सही है।

इस छोटी सी पैसेंजर ट्रैन यात्रा में कई नयी चीजें देखने को मिलीं और इस सफ़र का पूरा लुत्फ़ उठाया।दोबारा जब भी समय मिलेगा आगे का सफ़रजारी रहेगा।








No comments:

Post a Comment