Friday, 21 February 2014

दिल्ली से शाहजहाँपुर पैसेन्जर यात्रा

अभी पिछले सप्ताह रविवार को अचानक ही साहिबाबाद से शाहजहाँपुर जाना पड़ा। दिल्ली से एक पैसेंजर ट्रेन सीतापुर के लिए चलती है। जिसका समय रात्रि में १२ बजे दिल्ली से छूटने का है। और यह ट्रैन अगले दिन सायं ३ बजे तक सीतापुर पहुँचती है। दिल्ली से सीतापुर लगभग ४०० किलोमीटर दूर है। साहिबाबाद में इस ट्रैन के पहुँचाने का समय १२ बजकर ३० मिनट पर है।

पैसेंजर ट्रेन होने कि बजह से इस ट्रेन में हमेशा ही भीड़ रहती है। रात्रि में ट्रेन होने कि वजह से मुझे एक मित्र जी के यहाँ पर रुकना पड़ा।  फिलहाल हम लोग ट्रेन के समय को ध्यान में रखते हुए १२ बजे साहिबाबाद स्टेशन पर पहुँच गये। इस ट्रेन के आने में अभी समय था। इसलिए चाय पीने के साथ ट्रैन का इंतज़ार करने लगे। ट्रेन १२ .२० बजे प्लॅटफॉर्म पर आयी। साहिबाबाद स्टेशन दिल्ली के पास होने कि वजह से ट्रेन में उम्मीद से कम भीड़ थी। इसलिए शीट मिल गयी। ५ मिनट रुकने के बाद ट्रेन चल दी।


लम्बे मार्ग की पैसेंजर ट्रेनों में प्राय: लोकल पैसेंजर की अपेक्षा कम स्टोपेज होते है। सीतापुर तक इस ट्रेन के ४० स्टोपेज है वहीं शाहजहांपुर तक ३३ स्टोपेज है। साहिबाबाद से चलने के बाद यह ट्रैन गाज़ियाबाद स्टेशन पर रुकी। गाज़ियाबाद एक बड़ा स्टेशन है। इसलिए यहाँ यह ट्रेन करीब ३० मिनट रुकी। काफी सबरियां चढ़ीं और उतरीं। यह ट्रेन १:३० बजे यहाँ से चली। रात्रि अधिक होने कि वजह से नीद भी आ रही थी। ग़ाज़ियाबाद के बाद इस ट्रैन का अगला स्टोपेज पिलखुआ पड़ता है। यह भी साहिबाबाद कि तरह ही स्टेशन है। ५ मिनट रुकने के बाद ट्रेन रवाना हुई। धीरे धीरे मुझे नींद भी आने  लगी। पिलखुआ के बाद इस ट्रैन का अगला स्टोपेज हापुड़  है। यहाँ भी ट्रैन करीब 20 मिनट रुकी और २:४० बजे यहाँ से रवाना हुई। इसी बीच कुछ एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को भी पास किया गया।



आगे गढ़ , गजरौला ,अमरोहा , मुरादाबाद ,कटघर,दलपतपुर,मुढ़ापाण्डेय स्टशनों के बाद यह पैसेंजर ट्रेन सुबह में करीब ५ बजे रामपुर स्टेशन पर रुकी। नींद आने कि वजह से मेरी आँख सीधे रामपुर स्टेशन पर खुली। यहाँ चाय नास्ता करने के बाद कुछ देर प्लॅटफॉर्म पर भी घूमे। यहाँ पर यह ट्रेन करीब २५ मिनट रूककर ५:३० बजे रबाना हुई। आगे कई छोटे छोटे स्टेशन भी आते गए जिनमे धमोरा ,मिलक ,परसाखेड़ा ,बिठौरा और फिर बरेली।यहाँ तक पहुँचते पहुँचते यह ट्रैन थोड़ी और लेट हो गयी और ९ बजे पहुंची। यहाँ पर सुबह का नास्ता  किया। करीब ३० मिनट रुकने के बाद ट्रेन प्लॅटफॉर्म से चली। यहाँ से शाहजहंपुर करीब ८० किलोमीटर है। आमतौर पर एक्सप्रेस या मेल ट्रैन से १:३० से २:०० घंटे में पहुँच सकते हैं। पैसेंजर ट्रैन होने कि वजह से ३ घंटे से अधिक समय लगा। इसी बीच कई अन्य छोटे स्टेशन कि रसोइया ,टिसुआ ,बिलपुर ,पिताम्बरपुर,तिलहर ,बंथरा और फिर शाहजहंपुर पहुंचे। यहाँ पर यह ट्रैन १२:३० बजे पहुंची। यहाँ से यह पैसेंजर ट्रैन छोटी लाइन से सीतापुर जाती है। जोकि यहाँ से ७० किलोमीटर आगे है।

शाहजहांपुर यह पेसेंजर ट्रेन ३ नंबर प्लॅटफॉर्म पर रुकी। फिलहाल इस यात्रा में काफी अच्छा लगा और यह मेरी अब तक कि इस मार्ग पर सबसे लम्बी पैसेंजर यात्रा बन गयी।

पैसेंजर ट्रैन के इस सफ़र में खास बात लगी जोकि मुरादाबाद में ट्रेन के डिब्बों को अलग किया जाना। जिसका मुख्या कारण है कि इस पैसेंजर ट्रैन को मुरादाबाद से २ रूटों से आगे जाना होता है पहला रूट चन्दौसी होते हुए शाहजहांपुर और दूसरा रामपुर , बरेली होते हुए शाहजहांपुर और फिर सीतापुर।

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