Tuesday, 17 November 2015

और पहुँच गए नेपाल : धनगढ़ी यात्रा

दिनाँक - १५ नवम्बर     दिन - रबिबार

अभी पिछले दिनों दिवाली छुट्टियों पर घर जाना हुआ ।  मेरा घर उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में पड़ता है । दिवाली के बाद ही अकस्मात ही नेपाल जाने का सुअवसर प्राप्त हुआ । मै अपने भाई और जीजा जी के साथ अपनी नैनीताल यात्रा की चर्चा कर रहा था । इसी सिलसिले में बात आगे नेपाल यात्रा पर आ गयी और जाने का प्रोग्राम भी बन गया ।

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की मेरे यहाँ से नेपाल ज्यादा दूर नहीं है यह करीब १०० किलोमीटर पड़ता है । जहाँ बस या प्राइवेट साधन से २-४ घंटे में आसानी से जाया जा सकता है । नेपाल बॉर्डर जोकि गौरीफंटा, भारत  और धनगढी, पश्चिमोत्तर नेपाल के मध्य स्थित है । गौरीफंटा से पहले ही प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क भी है जो पलिया कस्बे के अंतर्गत अाता है और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में पड़ता है ।




फिलहाल अपनी इस यात्रा के सफर को आगे जारी रखते हैं , मेरे यहाँ से गौरीफंटा के लिए सुबह में २:३० बजे रोडवेज की बस  है , जो करीब ३:३० घंटे बाद गौरीफंटा पहुँचाती है । यहाँ से नेपाल दूर नहीं है एक बॉर्डर और पुल पार करते ही आप नेपाल पहुँच जाते है । हम तीनो लोग सुबह २:४० बजे बस में शीट लेकर बैठ गए और बस चल दी । नेपाल  इससे पहले भी २ बार जा चुका हूँ । लेकिन पहले टनकपुर वाले मार्ग से गया था और इस बार गौरीफंटा बॉर्डर होते हुए ।

बस मथुरा से गौरीफंटा जा रही थी हमने ८९ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से टिकट लिया और करीब १:३० घंटे बाद तिकुनिया पर पहुँच गए जोकि शाहजहाँपुर जिले में खुटार से करीब १५ किलोमीटर आगे पड़ता है यहाँ से दो रास्ते हो जाते है । बायें हाथ वाला मार्ग पूरनपुर होते हुए पीलीभीत जिले को जाता है और दायें हाथ वाला मैलानी, पलिया होते हुए गौरीफंटा नेपाल बॉर्डर तक ।  हम लोगों को इसी मार्ग से जाना था  बस १५ मिनट के लिए यहाँ चाय, नाश्ते के लिए रुकी । फिर करीब २ घंटे के बाद हम लोगो ६ बजे गौरीफंटा पहुँच गए । बसें यही तक भारत सीमा तक जाती हैं , यही पर भारत और नेपाल की चेक पोस्ट हैं इस तरफ भारत और उस पार नेपाल । सुबह का समय होने के कारण यहाँ भीड़ काम थी और अच्छा भी लग रहा था । यहाँ पर उतरकर कुछेक फोटो लिए और फिर उस तरफ जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक ऑटो में बैठकर नेपाल में प्रबेश कर चुके थे कोई चेकिंग नहीं और ना ही किसी बीजा और  पासपोर्ट की जरुरत । इसका  कारण भारत और नेपाल के बीच अच्छे संबंधों का होना है ।

हम लोग यहाँ घूमने के साथ साथ शॉपिंग के सिलसिले में भी आये थे । ७ बजे नेपाल के धनगढी कसबे में पहुँच गए । यह देखकर भी अच्छा लगा की यहाँ बाजार की दुकाने सुबह में खुल चुकी थी । अब हम लोग धनगढी जोकि नेपाल के कैलाली जिले में है कि मुख्य बाजार में थे । यहाँ पर नेपाली मुद्रा के साथ ही भारतीय रूपया मुद्रा का भी चलन है । यहन पर घूमते और शॉपिंग करते हुए दोपहर में १ बजे एक होटल में लंच किया और फिर पुनः बापसी के लिए प्रस्थान किया । मेरा मन और भी घूमने का था लेकिन  रात्रि में नोएडा भी वापस आना था । कुछेक फोटो लिए । २ बजे दोपहर में हम अपने भारत बॉर्डर पर थे यहाँ से शाहजहाँपुर जाने वाली बस लगी थी । शीट आराम से मिल गयी और करीब ४ घंटे के बाद हम वापस अपने कस्बे आ गए थे ।

१ दिन की यह छोटी सी यात्रा अच्छी रही।  अगली बार जब भी जाना होगा  तब दुधवा नेशनल पार्क और नेपाल के अन्य भागों में घूमा जायेगा । इस यात्रा मेरे साथ मेरे बड़े भाई विपिन जी और जीजा जी गौरव जी ने साथ दिया बहुत बहुत शुक्रिया ।

चलिए अब एक नजर फोटो के माध्यम से इस यात्रा बृतान्त की -
सुबह सुबह का एक दृश्य 
ये क्या , रोड पर ही कसरत

लो जी पहुँच गए नेपाल
नेपाल के सुन्दर घर
धनगढी ,नेपाल भी  में इलेक्ट्रॉनिक ऑटो का चलन है ।
यह मंदिर भी सुंदरता में क्या काम है ।
नेपाल से बापसी , सीमा पर ।


चौकी पर स्थित भारतीय चेक पोस्ट
मेरे भाई
गौरव जी 



एक फोटो अपना भी बनता है ।
बापसी में दुधवा पार्क के पास

कैसी लगी आपको यह यात्रा कृपया राय अवश्य दें ।

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