Tuesday, 28 June 2016

एक बार फिर पुराना किला ,चिड़ियाघर , दिल्ली का सफर

अभी वीते सप्ताह नोएडा घर पर माँ और पिताजी का आना हुआ । यह मेरे लिए एक सुखद अनुभव था माँ और पिताजी पहली बार जो आ रहे थे । शाहजहाँपुर से साथ में ही ऐसी बस से मेरे साथ आये थे काफी दिनों से इच्छा थी मेरे कहने पर वो लोग तुरन्त राजी हो गए । काफी अच्छा लगा । दोपहर १ से रात्रि १० बजे तक ऑफिस होने के कारण सुबह में अच्छा समय मिल जाता है । पापा और मम्मी जी की दिल्ली घूमने की भी इच्छा थी ।  इसी सिलसिले में २२ जून, बुधवार  को इस यात्रा सफर के पहले चरण में पुराना किला और दिल्ली का चिड़ियाघर जाना तय हुआ । हालाँकि मैं एक बार पहले भी वहाँ जा चुका था लेकिन इस बार जाने का अलग अनुभव रहा ।

चलिए अब आगे सफर पर चलते हैं ।  दिल्ली और एनसीआर समेत पूरे भारत में ओला कैब सर्विस होने के कारण इस बार इसी से जाने का विचार किया ।  पापा और मम्मी जी सुबह जल्दी ही तैयार हो गए मैं भी नित्य कार्यों से निपटकर ८ बजे ही तैयार हो गया ।  ८:००  बजे सुबह इस सफर के लिए चल दिए ।  पापा और मम्मी जी के साथ दिल्ली भ्रमण की यह मेरी पहली यात्रा थी । इस सफर में पापा और मम्मी जी के अलावा मेरी पत्नी जी भी थी जो पहले भी नैनीताल और वैष्णों देवी यात्रा में मेरे साथ जा चुकी थी । सेक्टर १५ मेट्रो स्टेशन पहुँचे वहाँ से मेट्रो के द्वारा अक्षरधाम , यमुना बैंक और इन्द्रप्रस्थ स्टेशन होते हुए ८:३० बजे प्रगति मैदान स्टेशन पहुंचे । प्रगति मैदान स्टेशन से ही प्राइवेट ऑटो किया और ५० रुपये किराया देकर १० मिनट बाद ही हम पुराने किले में पहुँच गए ।


वैसे आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की दिल्ली चिड़ियाघर (delhi  zoo ) के खुलने का समय प्रातः ९ बजे है वहीं पुराना किला (old fort ) इससे जल्दी ८ बजे ही खुल जाता है और सोमवार को अवकाश रहता है । चिड़ियाघर के खुलने में अभी समय होने के कारण पुराना किला (old fort ) का टिकट लेकर अंदर पहुँच गए । मैं पिछली  बार पुराने किले में अंदर नहीं गया था इस बार जाना अच्छा लगा । कुछेक फोटो लिए और अंदर प्रवेश किया । सुवह का समय होने के कारन कुछ लोग व्यायाम भी कर कर रहे थे । किले के अंदर की विशालकाय दीवारें , म्यूज़ियम , मस्जिद और कई गेट हैं । काफी घूमने और फोटो लेने के बाद वही पार्क में सपरिवार विश्राम किया ।  २० मिनट के बाद बाहर आये तब तक चिड़ियाघर के भी खुलने का समय हो गया था । पुराने किले के पास ही झील है जहाँ आप वोटिंग का आंनद ले सकते हैं जिसका समय दोपहर १२ बजे से है । 

९:३० बजे बाहर आकर चिड़ियाघर (delhi  zoo ) की और चल दिए पास में ही होने के कारण अधिक समय नहीं लगा । ४०-४० रूपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से टिकट लेने के बाद हम लोग चिड़ियाघर के अंदर पहुंचे । हालांकि मैं पहले भी आ चुका था इसलिए इस बार गाइड की तरह काम किया । कुछ दूर चलकर अंदर चलने वाली पार्क गाड़ी से चलने के लिए टिकट लिए । जो ६० रुपये प्रति व्यक्ति थे । गाड़ी  से सपरिवार  चिड़ियाघर भ्रमण करते हुए अच्छा लग रहा था  पापा और मम्मी जी तथा मेरी पत्नी जी के लिए यह मेरे से अधिक ख़ुशी की बात थी । बीच में कई जगह उतरकर सर्प , हाथी , वाघ ,भालू ,कई रंग विरंगे पच्छी और अन्य जानवरों को देखकर करीब ११:३० बजे चिड़ियाघर से बाहर आये तब तक मौसम भी अच्छा हो गया था । बाहर आकर कुछ नास्ता किया । हालांकि मुझे ऑफिस भी जाना था इसलिए बिना देर किए  चिड़ियाघर और पुराने किले के भ्रमण के बाद प्राइवेट ऑटो किया । करीब १ घंटे बाद वापस नोएडा आ गए । 

चलिए अब इस यात्रा सफर पर फोटो के माध्यम से चलते हैं :-

पुराने किले का मुख्य द्वार 










पहचानो तो जाने 



ग्रुप में मस्ती चल रही है 


इस फोटो में कुछ दिखा , अरे भाई भालू है जरा ध्यान से 



यात्रा की अगली कड़ी में अक्षरधाम मंदिर के लिए यहाँ क्लिक करें 


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